Rajya Sabha Election Live: महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना सहित 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव आज हो रहा है। आज ही के दिन राज्यसभा चुनाव में पड़े मतों की गणना भी कर ली जाएगी। अप्रैल में कार्यकाल समाप्त होने के कारण हो रहे इन चुनावों से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA) को उच्च सदन में अपने 130 से अधिक सीटों (मनोनीत सदस्यों सहित) के बहुमत को मजबूत करने का मौका मिलेगा, जबकि विपक्षी इंडिया ब्लॉक को अपने प्रमुख गढ़ों में और अधिक सीटों के छिनने का खतरा है।
एक तरफ जहां लोकसभा का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है और उसे भंग भी किया जा सकता है, जबकि राज्यसभा एक स्थायी सदन है अर्थात यह कभी भी कार्य करना बंद नहीं करती। राज्यसभा के प्रत्येक सदस्य का कार्यकाल छह वर्ष का होता है, लेकिन सभी सदस्यों का कार्यकाल एक ही समय पर शुरू या समाप्त नहीं होता। इसके बजाय, प्रत्येक दो वर्ष में एक तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त होते हैं। उनका कार्यकाल समाप्त होने पर, उन सीटों को भरने के लिए चुनाव होते हैं। यह प्रणाली सुनिश्चित करती है कि सदन में हमेशा अनुभवी सदस्य रहें और उसका कार्य सुचारू रूप से चलता रहे।
गौरतलब है कि सियासी नजरिए से यह राज्यसभा चुनाव काफी अहम है, क्योंकि अलग-अलग राज्यों में विधानसभा का गणित अलग है। महाराष्ट्र में BJP और उसकी सहयोगी पार्टियों का प्रभाव है, जबकि तमिलनाडु में DMK के नेतृत्व वाला गठबंधन मजबूत है। वहीं, पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी TMC का विधानसभा में बहुमत है, इसलिए वहां उन्हें बढ़त मिल सकती है। साथ ही, बिहार में NDA और महागठबंधन के बीच मुकाबले पर नजर रहेगी। यहां इफ्तार पार्टी के बाद AIMIM ने RJD उम्मीदवार को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। पार्टी नेता अख्तरुल ईमान ने इसकी घोषणा की।
राज्यसभा चुनाव में अपना वोट डालने से पहले, हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने कहा, "मेरे दोनों पैरों में फ्रैक्चर होने के बावजूद मैं अपना वोट डालने जा रहा हूं। मैं निश्चित रूप से वोट डालने जाऊंगा। हम हरियाणा की दोनों सीटें जीतेंगे।"
हरियाणा में राज्यसभा की दो सीट के लिए मतदान हो रहा है। यहां भाजपा, कांग्रेस का एक-एक उम्मीदवार और एक निर्दलीय उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। इन दो सीट पर भाजपा के संजय भाटिया, कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध और निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा दूसरी सीट पर नांदल का समर्थन कर रही है। नांदल ने 2019 के विधानसभा चुनावों में भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था, लेकिन वह हार गए थे।
हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस के 37 विधायक हैं। कांग्रेस के पास 37 विधायक होने का मतलब यह है कि उसके पास अपने उम्मीदवार को सीट जिताने के लिए आवश्यक संख्या बल है। हालांकि, 'क्रॉस-वोटिंग' की स्थिति में समीकरण बदल सकता है।
हरियाणा विधानसभा के 90 सदस्यों में से सत्ताधारी भाजपा के 48 विधायक हैं, इनेलो के दो विधायक हैं, जबकि तीन निर्दलीय विधायक हैं। हरियाणा से राज्यसभा में पहुंचने के लिए दोनों उम्मीदवारों में से प्रत्येक को 31 मतों की आवश्यकता है। हरियाणा में भाजपा सदस्य किरण चौधरी और राम चंद्र जांगड़ा का कार्यकाल नौ अप्रैल को पूरा होने वाला है तथा इसके साथ ही यहां राज्यसभा की दो सीट रिक्त हो रही है।
कांग्रेस के 3 और राजद के 1 विधायक वोट डालने अभी तक नहीं पहुंचे हैं। कांग्रेस के मनिहारी से विधायक मनोहर प्रसाद, फारबिसगंज से मनोज विश्वास और वाल्मिकीनगर से सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा नहीं पहुंचे हैं। इसके अलावा राजद के ढाका से विधायक फैसल अली अभी तक वोट डालने नहीं पहुंचे हैं। राजद के 25 में से 24 विधायकों ने अब तक वोट डाल दिया है।
ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेडी अध्यक्ष नवीन पटनायक राज्यसभा चुनाव में वोट डालने के लिए राज्य विधानसभा पहुंचे।
आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने कहा, "एनडीए और भाजपा हर जगह पैसे के बल पर चुनाव लड़ रहे हैं। उनके पास कहीं भी बहुमत नहीं है। वे कई राज्यों में पैसे और विधायकों की खरीद-फरोख्त के बल पर सत्ता हथियाने की कोशिश कर रहे हैं। उनकी योजना कई राज्यों में सफल होगी, और कई राज्यों में उन्हें हार का सामना भी करना पड़ेगा।"
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी हरियाणा विधानसभा पहुंचे। बता दें कि हरियाणा में राज्यसभा की दो रिक्त सीटों के लिए मतदान हो रहा है।
जेडीयू विधायक अनंत सिंह राज्यसभा चुनाव की वोटिंग के लिए विधानसभा पहुंच गए हैं। वह जेल से वोट डालने के लिए विधानसभा गए हैं।
JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने कहा, "NDA पांचों सीटों पर बहुत बड़ी संख्या के साथ जीतेगी। हम लोगों को बहुत समर्थन है। आज शाम को नतीजे आएंगे।" RJD विधायकों को होटल में रखे जाने पर उन्होंने कहा, "इसका मतलब की आपको विधायकों पर और विधायकों को आप पर भरोसा नहीं है।"
ओडिशा में राज्यसभा की चार सीटों के लिए मतदान शुरू हो गया। विपक्षी बीजेडी ने सत्ताधारी भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया है। विधायकों ने अपने मतपत्र डालना शुरू कर दिया है। राज्य में 12 साल के अंतराल के बाद राज्यसभा चुनाव हो रहे हैं। इस बार 2 अप्रैल को खाली होने वाली चार सीटों के लिए पांच उम्मीदवार मैदान में हैं।
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा, "हमारे पास विधायकों की संख्या कम थी, इसलिए हमें छह वोटों की कमी थी, जबकि एनडीए को तीन वोटों की कमी थी। लेकिन हमने झुकने के बजाय भाजपा से लड़ने का विकल्प चुना और अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे। बाद में, एआईएमआईएम और बसपा ने हमारा समर्थन किया और छह वोटों की कमी को पूरा किया।"
बिहार विधानसभा में कुल 243 विधायक हैं और राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए कम से कम 41 वोटों की आवश्यकता होती है। इस हिसाब से एनडीए के पास लगभग 202 विधायकों का समर्थन बताया जा रहा है, जिससे उसके 4 उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है। हालांकि, पांचवीं सीट को लेकर समीकरण कुछ जटिल हो जाते हैं, क्योंकि एनडीए के पांचवें उम्मीदवार के लिए आवश्यक मतों में लगभग 3 मतों की कमी बतायी जा रही है। यही वजह है कि पांचवीं सीट को लेकर मुकाबला दिलचस्प बन गया है। इस सीट पर भाजपा के शिवेश कुमार और महागठबंधन के उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है।
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर तेजस्वी यादव ने कहा, "मैंने नीतीश कुमार के प्रति सहानुभूति व्यक्त की है। जिस दिन उन्होंने 2024 में महागठबंधन छोड़कर भाजपा में वापसी की थी, मैंने कहा था कि जेडीयू का कोई भविष्य नहीं बचा है। मैंने कहा था कि चुनाव के बाद नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे। उन्होंने वही दोहराया जो उन्होंने महाराष्ट्र में किया था, लेकिन थोड़े अलग तरीके से। भाजपा जिसका भी साथ देती है, उसे बर्बाद कर देती है।"
बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के लिए मतदान हो रहा है। एनडीए के पांच और राजद का एक उम्मीदवार चुनावी मैदान में है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी इस चुनाव में उम्मीदवार हैं। इसके अलावा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी एनडीए के उम्मीदवारों में से एक हैं। वहीं राम नाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा और शिवेश कुमार भी एनडीए की तरफ से उम्मीदवार हैं।
राज्यसभा चुनाव में सात राज्यों में 26 नेता निर्विरोध चुने गए हैं।
बिहार सरकार के मंत्री और JDU नेता विजय चौधरी ने कहा, "चुनाव हो रहे हैं और नतीजे भी स्पष्ट हैं। पांचों NDA के उम्मीदवार प्रबल और प्रचंड बहुमत से जीतेंगे। किसी को कोई संशय नहीं है। ये भी स्पष्ट है कि कुछ दलों को अपने ही विधायकों पर भरोसा नहीं है, कोई होटल में कैद है, कहीं दूसरी जगह ले जाए गए हैं लेकिन NDA के सभी विधायक स्वच्छंद घूम रहे हैं और पांचों कार्यकर्ताओं, नेताओं और विधायकों पर पूरा भरोसा है। यही हमारी जीत सुनिश्चित करेगी।" क्रॉस वोटिंग के सवाल पर उन्होंने कहा, "क्रॉस वोटिंग की उम्मीद नहीं की जाती वो तो खास परिस्थिति विशेष में हो जाता है।"
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बिहार विधानसभा पहुंचे।
राज्यसभा चुनाव के लिए प्रदेश से भाजपा के उम्मीदवार शिवेश राम ने कहा, "हमारे पीछे प्रधानमंत्री मोदी देश का विकास कर रहे हैं। बिहार के सभी नेता एकजुट हैं और शाम को बहुत अच्छे नतीजे आने वाले हैं। NDA के पांचों उम्मीदवार जीतने वाले हैं। बिल्कुल जीत सुनिश्चित होगी क्योंकि हम लोग एकजुट हैं और विपक्ष एकजुट नहीं हैं, इतना मैं जानता हूं मुझे तीन वोट चाहिए और उन्हें 6 वोट चाहिए। उन्हें सदन में आने दीजिए।"
राज्यसभा चुनाव पर एलजेपी (आरवी) नेता संजय कुमार पासवान ने कहा, "हम एकजुट हैं। विपक्ष का गुट बिखर जाएगा। वे डरे हुए हैं; उन्होंने अपने विधायकों को बंद कर रखा था। दो-चार तो भाग भी गए, हमें क्यों घबराना चाहिए? क्या हमने अपने विधायकों को होटल में बंद कर रखा था?"
आज सुबह 9 बजे से शुरू हुआ मतदान शाम 4 बजे तक चलेगा। शाम चार बजे तक राज्यसभा की 37 सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे।
चुनाव आयोग की तरफ से जारी कार्यक्रम के मुताबिक, राज्यसभा चुनाव के लिए आज सुबह 9 बजे से वोटिंग शुरू होगी। थोड़ी ही देर में मतदान शुरू हो जाएगा।
संपादक की पसंद